वर्ष 2021 के दौरान, जनवरी से दिसंबर तक पश्चिम रेलवे जोन के रेलवे सुरक्षा बल ने कुल 1,317 रेल यात्रियों से संबंधित 2.58 करोड़ रुपये मूल्य का सामान बरामद किया और उचित वेरिफिकेशन बाद उन्हें उनके असली मालिकों को वापस कर दिया.

अब से रेल यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने सामान की चिंता करने की जरूरत नहीं है. भारतीय रेलवे ने यात्रियों के खोए हुए सामान को ट्रैक करने के लिए नई पहल शुरू की है. नई पहल के तहत यात्री अपने खोए हुए सामानों को आसानी से ट्रैक कर सकता है और उन्हें वापस पा सकता है. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यात्रियों के साथ-साथ उनके सामान की सेफ्टी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस दिशा में आरपीएफ ने ‘मिशन अमानत’ की शुरुआत की है, जिससे रेल यात्रियों को अपना खोया हुआ सामान वापस मिलना आसान हो गया है. यात्रियों को अपना खोया हुआ सामान वापस पाना आसान बनाने के लिए पश्चिम रेलवे के आरपीएफ ने एक नई पहल की है. मिशन अमानत पहल के तहत फोटो के साथ खोए हुए सामान का विवरण पश्चिम रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट किया जाता है. यात्री मिशन अमानत- आरपीएफ वेबसाइट पर पोस्ट किए गए चित्रों के साथ खोए हुए सामान का विवरण देख सकते हैं.
2.58 करोड़ रुपये मूल्य के सामान हुए वापस
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, वर्ष 2021 के दौरान, जनवरी से दिसंबर तक पश्चिम रेलवे जोन के रेलवे सुरक्षा बल ने कुल 1,317 रेल यात्रियों से संबंधित 2.58 करोड़ रुपये मूल्य का सामान बरामद किया और उचित वेरिफिकेशन बाद उन्हें उनके असली मालिकों को वापस कर दिया. पश्चिम रेलवे का रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ऑपरेशन ‘मिशन अमानत’ के तहत रेल यात्रियों को यह सेवा प्रदान करता रहा है.
यात्रियों को सेफ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पश्चिमी रेलवे आरपीएफ चौबीसों घंटे काम करता है. आरपीएफ ने अपराधों का पता लगाने के लिए निवारक उपायों के साथ-साथ देश भर में फैले रेलवे की विशान संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निवर्हन सफलतापूर्वक किया है.
बेटिक यात्रियों से वसूले 68 करोड़ रुपये
एक अन्य ट्वीट में पश्चिम रेलवे ने बताया कि पश्चिम रेलवे अनधिकृत यात्रा पर रोक लगाने के लिए नियमित टिकट जांच अभियान चला रही है. इन गहन अभियानों से अप्रैल, 2021 से दिसंबर, 2021 तक की अवधि के दौरान अनियमित यात्रा करने वालों से 68 करोड़ रुपये और बिना मास्क मामलों से 41.09 लाख रुपये का राजस्व जुर्माने के रूप प्राप्त किया है.