पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार कश्मीर को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं. लेकिन भारत हमेशा से ही कहता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

जम्मू-कश्मीर में इन दिनों भारतीय सेना आतंकियों पर कहर बनकर टूट रही है. इस वजह से पाकिस्तान में हलचल मच गई है और इसका अंदाजा पड़ोसी मुल्क के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयानों से लगाया जा सकता है. इमरान खान ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कश्मीर पर जहरीला बयान दिया है. इमरान खान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह कराने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है.
इमरान खान ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार खुलेआम सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रही है और कश्मीर में आबादी को बदलने की कोशिश कर रही है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह की UNSC की प्रतिबद्धता अधूरी है. हिंदुत्व मोदी सरकार ने UNSC के प्रस्तावों, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों और चौथे जिनेवा कन्वेंशन सहित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन किया है. उन्होंने कश्मीर की स्थिति और जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास करते हुए युद्ध अपराध किया है.’
कश्मीर के साथ खड़े हैं: इमरान खान
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय बिरादरी, खासतौर पर संयुक्त राष्ट्र को भारत के युद्ध अपराध और कश्मीर में मानवता के खिलाफ किए जा रहे अपराध पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. कश्मीरी लगातार भारत का विरोध कर रहे हैं. पाकिस्तान आत्मनिर्णय के लिए न्यायसंगत कश्मीरी संघर्ष के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर खड़ा है.’ इमरान खान लगातार कश्मीर को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं. लेकिन भारत हमेशा से ही कहता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वह इसमें बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा. लेकिन इमरान तक ये बात नहीं पहुंच रही है.
सार्क सम्मेलन में न्योता देने के बाद आया बयान
इमरान खान का ये बयान तब आया है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को कहा कि उनका देश 19वें सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय नेतृत्व इस्लामाबाद आने को तैयार नहीं है तो पड़ोसी देश (भारत) डिजिटल माध्यम से इसमें शामिल हो सकता है. कुरैशी ने भारत पर शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद आने से इनकार करने पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह ‘दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन’ को बेअसर करने का प्रयास कर रहा है.