यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे प्रिंस एंड्रयू के वकीलों ने पिछले साल दिसंबर में दायर याचिका में कहा था कि प्रिंस पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के केस को खारिज किया जा सकता है क्योंकि अब वह अमेरिका में नहीं रहती है.

ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य और ड्यूक ऑफ यार्क प्रिंस एंड्रयू के लिए मुसीबत खत्म होती नहीं दिख रही है. यौन शोषण के आरोपी प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने एंड्रयू के वकील की अधिकतर दलीलों को खारिज कर दिया. एक महिला ने मुकदमा दायर कर आरोप लगाया है कि जब वह 17 साल की थी तब प्रिंस एंड्रयू ने उसका यौन शोषण किया था.
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज लुईस ए कापलान ने कल मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई खत्म होने पर तुरंत फैसला नहीं सुनाया, लेकिन उन्होंने जिस प्रकार से प्रिंस के वकील एंड्रयू ब्रेटलर की ज्यादातर दलीलों को खारिज किया, उससे यह स्पष्ट है कि वह एंड्रयू के पक्ष में दी गई दलीलों से संतुष्ट नहीं हैं.
न्यायाधीश कापलान प्रिंस के वकील की कई दलील की खारिज
ब्रेटलर ने दलील देते हुए कहा था कि मामला ‘खारिज करने योग्य है.’ लेकिन न्यायाधीश कापलान ने बार-बार ब्रेटलर की दलीलों को खारिज कर दिया. न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि मामले में संभावित सबूतों का आदान-प्रदान निर्धारित समय के अनुसार हो.
पीड़ता वर्जीनिया गिफ्रे ने अगस्त में प्रिंस एंड्रयू पर मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया था कि 2001 में एपस्टीन और गिलैन मैक्सवेल की मदद से प्रिंस ने उनका यौन शोषण किया था. गिफ्रे की ओर से पेश हुए अटॉर्नी डेविड बोइस ने मुकदमे को खारिज करने के खिलाफ दलील दी.
यौन शोषण के लिए महिलाओं की तस्करी के आरोपी 66 वर्षीय एपस्टीन ने 2019 में मैनहट्टन जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि 60 वर्षीय मैक्सवेल को पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में संघीय अदालत में यौन शोषण के लिए महिलाओं की तस्करी और साजिश का दोषी ठहराया गया था.
प्रिंस एंड्रयू के वकीलों ने दायर की थी याचिका
यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे प्रिंस एंड्रयू के वकीलों ने पिछले साल दिसंबर में दायर याचिका में कहा था कि प्रिंस पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के केस को खारिज किया जा सकता है क्योंकि अब वह अमेरिका में नहीं रहती है.