मुजफ्फरपुर। दिल्ली और मुंबई के बाद बिहार में तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। नए साल के पहले दिन बिहार में कोरोना संक्रमण के 281 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद लोगों के मन में यह चिंता घर करने लगी है कि क्या बिहार में फिर से लाकडाउन लागू हो जाएगा? क्या स्कूल बंद कर दिए जाएंगे? क्या दुकानें फिर से बंद हो जाएंगी? बिहार में पटना, गया और मुजफ्फरपुर की स्थिति तेजी से खराब होती जा रही है। केवल शनिवार की बात करें तो पटना में 70 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। गया और मुंगेर में 10-10 तथा मुजफ्फरपुर में 17 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पांच, कांटी रेलवे स्टेशन पर पांच और सदर अस्पताल में सात मरीजों में संक्रमण पाए गए। इस तरह यहां सक्रमित मरीजों की संख्या 44 हो गई है।
लाकडाउन लगाए जाने की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु की सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। नाइट कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। मुंबई में तो धारा 144 ही लगा दी गई है। पड़ोसी राज्य यूपी में भी नाइट कर्फ्यू लागू है। ऐसे में बिहार में कब तक हालत सामान्य रहेंगे? यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि विगत दिनों सीएम नीतीश कुमार ने स्कूल बंद किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि अभी हालत उतने खराब नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने इसकी समीक्षा किए जाने की बात कही है। वैसे बिहार सरकार ने भी नए साल पर भीड़ जमा होने की आशंका में पार्क को दो जनवरी तक के लिए बंद कर दिया था। लाेग इसे सख्ती की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के कपड़ा व्यवसायी राहुल अग्रवाल कहते हैं कि अभी तो हमलोग पिछले नुकसान की भरपाई भी नहीं कर सके हैं और फिर से यदि पाबंदी लग गई तो बर्बाद ही हो जाएंगे। वैसे यह सरकार का फैसला होता है। उसकी ओर से जो भी आदेश दिया जाएगा, उसका हमलोग पालन करेंगे।
अभिभावक ज्योत्सना भी फिर से लाकडाउन लागू किए जाने की आशंका से सहमी हैंं। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई तो पूरी तरह से चौपट ही हो जाएगी। आनलाइन क्लास खानापूरी से ज्यादा कुछ भी नहीं है। पढ़ाई की व्यवस्था पटरी पर आने से पहले ही फिर से बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है।